गुरुवार, 11 जनवरी 2018

जन्म दे जिसे,,,

देशधर्म रक्षण में,काम आए जो सदा ही
अभय-अटूट उस,ढाल को नमन है
अंधविश्वास औ पाखंड को जलाने वाले
प्रखर,पवित्र महाज्वाल को नमन है
भारत का मान विश्वभर में बढाने वाले
राष्ट्रवाद के प्रणेता,भाल को नमन है
जन्म दे जिसे स्वयं,मातृभूमि धन्य हुई
ऐसे माता भारती के,लाल को नमन है !

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

भारत के लाल को नमन है,,,

भारती के पूजन के,काम आए जो सदा ही
मेरा उस आरती के,थाल को नमन है
अंधविश्वास और पाखंड को जलाने वाले
प्रबल,प्रखर उस ,ज्वाल को नमन है
भारत का मान विश्वभर में बढाने वाले
राष्ट्रवाद के प्रणेता,भाल को नमन है
जन्म दे जिसे स्वयं,भारती पवित्र हुई
ऐसे उस भारत के लाल को नमन है!

रविवार, 7 जनवरी 2018

कलम सदा सत्य की जय बोलेगा

तलवारों के संग खुदको तोलेगा
जो देखेगा यह वही बोलेगा
न डरेगा,न झुकेगा,न रुकेगा,
कलम सदा सत्य की जय बोलेगा!

आँखों से अरमान छीन गया

कितने ही आँखों से उनका अरमान छीन गया
कितने ही शाखों से उनका पहचान छीन गया
जीवनभर के लिए आँसू देकर वह हादसा
कितने ही अधरों से उनका मुस्कान छीन गया!

रविवार, 17 दिसंबर 2017

आदमी वेताल नजर आता है

हर आँख खून यहाँ,हर गली लाल है क्यों
देश मेरा आज ये,बेहाल नजर आता है
स्वारथ की लालसा में,हर सीमा लांघ रहा
संस्कारों से आदमी,कंगाल नजर आता है
जिसने है पाला पोसा,सींचकर बड़ा किया
आज उसे बाप भी,जंजाल नजर आता है
नरक के शैतान भी,दंग देख आदमी को
उनसे भी बड़ा ये,वेताल नजर आता है!

गधा मन माल,,,

गधहा मन माल उड़ावत हे
बघवा मन कांदी खावत हे
पढ़े लिखे मन ठलहा हे इहा
अउ अंगूठाछाप देश चलावत हे!

शुक्रवार, 15 दिसंबर 2017

एक प्रबंध हो राष्ट्रवाद का

सारे सम्बन्धों से बढ़कर,एक सम्बन्ध हो राष्ट्रवाद का
मातृभूमि की खातिर जीने,एक अनुबंध हो राष्ट्रवाद का
हर दिल की धड़कन में हो,हर साँस में ये सुमिरा जाए
भेदभाव को भूलके सारे,एक प्रबंध हो राष्ट्रवाद का!